कासगंज: जनपद कासगंज के कस्बा गंजडुंडवारा की हृदय स्थल कहे जाने वाले मुख्य मार्ग मोहनपुर रोड पर इन दिनों ‘अवैध पार्किंग’ और मंगल बाजार के नाम पर ठेकेदारों का कब्जा है। एक ओर नगर में महोत्सव की रौनक है, तो दूसरी ओर इस आयोजन की आड़ में जनता की जेब पर डाका डाला जा रहा है। महोत्सव के ठेकेदार द्वारा सरकारी नियमों को ताक पर रखकर मुख्य सड़क पर अवैध कब्जा कर लिया गया है, जहाँ आने-जाने वाले दुपहिया वाहन स्वामियों से अवैध रूप से पार्किंग शुल्क वसूला जा रहा है।पालिका प्रशासन अधिशासी अधिकारी की अनदेखी से नगर से सैकड़ों की संख्या में ईद महोत्सव में आने जाने वाले लोगों से हो रही है अवैध रूप से धन की वसूली। ईद महोत्सव के नाम से लगे प्रयेदर्शिनी को देखने के लिए आ रहे सैकड़ो लोगों से अवैध रूप से वाहनों के नाम पर वसूली की जा रही है रही है।
सड़क को बना दिया ‘निजी जागीर’
महोत्सव स्थल के आस-पास की सार्वजनिक सड़क अब राहगीरों के लिए नहीं, बल्कि ठेकेदार की कमाई का जरिया बन गई है। सड़क के एक बड़े हिस्से की घेराबंदी कर उसे पार्किंग स्थल घोषित कर दिया गया है। दबंगई का आलम यहाँ तक है कि पैसे देने से मना करने पर ठेकेदार के कारिंदे वाहन स्वामियों के साथ अभद्रता और धक्का-मुक्की करने से भी बाज नहीं आ रहे हैं।
“सड़क सरकार की है और वसूली ठेकेदार की”
महोत्सव मनोरंजन के लिए होता है या जनता को लूटने के लिए? प्रशासन को इस अवैध कब्जे को तुरंत हटवाना चाहिए। *”स्थानीय नागरिकों की अपील”*
आपको बता दें कस्बे का ये एक मात्र बाई पास सड़क है जिस पर कई बड़े वाहन गुजरते हैं और मरीज को लेकर एम्बुलेन्सों का भी यहीं से गुजरना होता। ऐसे में सवाल ये उठता है कि पालिका प्रशासन दुवारा इस तरह सड़क पर अवैध वसूली का ठेका कैसे किसी ठेकेदार को दिया जा सकता है ऐसे में सवाल तो यही है कि क्या पालिका के अधिकारी भी इस अवैध वसूली में शामिल हैं। या फिर इसकी खबर पालिका के कानों तक ही नहीं पहुँची है पालिका प्रशासन से सम्पर्क करने पर अधिशाषी अधिकारी फ़ोन भी नहीं उठाते। जहां एक ओर सैकड़ों की संख्या में छोटे बच्चे वयस्क एवं परिवार के साथ मेले का आनन्द लेने और खरीदारी करने और झूलों का आनन्द लेके लिए नगर एवं आस पास के गाँवों से लोग आ रहे हैं तो वाहनों की अवैध वसूली से उनका मनोरंजन का रंग फीका पड़ जाता है।

इधर मंगल बाजार से भी सैकड़ों की संख्या में दुकानें मोहनपुर रोड पर लगाई जाती हैं जो सड़क राहगीरों के गुजरने के लिए थी वह अब ठेकेदारों की जेब गरम कर रही है। और अवैध वसूली का अड्डा बन गयी है इधर नगरपालिका प्रशासन पूरी तरह मौन धारण किये हुए है।


