
अदालत ने कहा कि YouTuber न तो अदालत के सामने पेश हुआ और न ही कोई स्थगन चाहता है।
डाबर ने प्रस्तुत किया कि 15 मार्च, 2023 के अंतरिम आदेश के बाद भी आपत्तिजनक वीडियो का प्रसारण और विभिन्न डिजिटल प्लेटफार्मों में प्रकाशित किया जाना जारी है।
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने हाल ही में YouTuber ध्रुव राठी को सभी URL/वेब लिंक से एक रियल जूस वीडियो की पहुंच को हटाने और प्रतिबंधित करने का निर्देश दिया। न्यायमूर्ति रवि कृष्ण कपूर की एकल-न्यायाधीश पीठ डाबर द्वारा दायर बौद्धिक संपदा अधिकारों की सुरक्षा के लिए एक मुकदमे की सुनवाई कर रही थी।
खंडपीठ ने उल्लेख किया: “15 मार्च, 2023 को इस न्यायालय द्वारा पारित निर्देश स्पष्ट रूप से YouTube को आपत्तिजनक वीडियो को प्रकाशित करने, प्रसारित करने और अपलोड करने की अनुमति देते हैं, जब आपत्तिजनक वीडियो में आपत्तिजनक अंशों को हटा दिया जाता है, जिसमें याचिकाकर्ता के उत्पाद का कोई संदर्भ होता है। इस निर्देश का आज तक पालन नहीं किया गया है।”
डाबर ने प्रस्तुत किया कि 15 मार्च, 2023 के अंतरिम आदेश के बाद भी आपत्तिजनक वीडियो का प्रसारण और विभिन्न डिजिटल प्लेटफार्मों में प्रकाशित किया जाना जारी है।
अदालत ने कहा कि YouTuber न तो अदालत के सामने पेश हुआ और न ही कोई स्थगन चाहता है।
डाबर ने दावा किया कि 14 फरवरी को राठी ने अपने यूट्यूब चैनल पर 21 मिनट 59 सेकंड का एक वीडियो अपलोड किया। वीडियो विशेष रूप से पैक किए गए फलों के सामानों को निशाना बनाता है और उनका अपमान करता है। यह गलत तरीके से कार्बोनेटेड सॉफ्ट ड्रिंक की तुलना आरटीएस फ्रूट बेवरेज से करता है। इसलिए, डाबर ने बौद्धिक संपदा अधिकारों की सुरक्षा के लिए मुकदमा दायर किया।
डाबर ने तर्क दिया कि वीडियो जनता को यह भी बताता है कि बोतलबंद फलों का रस पीने से बाल झड़ते हैं और अगर इसका सेवन किया जाए तो यह हानिकारक है।
15 फरवरी को डाबर ने राठी से वीडियो हटाने का अनुरोध किया, लेकिन 17 फरवरी के जवाब में उसने ऐसा करने से इनकार कर दिया।
पीठ ने याचिकाकर्ता की सभी दलीलों को सुनने के बाद कहा कि याचिकाकर्ता ने गुण-दोष के आधार पर प्रथम दृष्टया एक मजबूत मामला स्थापित किया है। कोर्ट ने इस मामले को 30 मार्च को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है।
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