आखरी अपडेट: सितंबर 04, 2022, 17:54 IST

फाइल फोटो: नई दिल्ली में दशहरे से पहले, भगवान राम के जीवन पर फिर से लागू रामलीला के दौरान कलाकार प्रदर्शन करते हैं। (छवि: रॉयटर्स)
श्री धार्मिक रामलीला समिति ने रविवार को ऐतिहासिक भवन के प्रांगण में माधवदास पार्क में ‘भूमि पूजा’ कर तैयारी शुरू कर दी है।
यहां लाल किले पर वार्षिक रामलीला की तैयारी शुरू हो गई है, जो कोविड-19 महामारी के कारण दो साल के अंतराल के बाद जनता के लिए खुलेगी। श्री धार्मिक रामलीला समिति ने रविवार को ऐतिहासिक भवन के प्रांगण में माधवदास पार्क में ‘भूमि पूजा’ कर तैयारी शुरू कर दी है।
2020 में महामारी के उभरने से पहले दशहरा के अवसर पर वार्षिक कार्यक्रम आयोजित करने वाली समिति अपने 100वें वर्ष में प्रवेश कर चुकी है।
पूजा में पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी, केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, कांग्रेस की अलका लांबा, भाजपा सांसद मनोज तिवारी और हंस राज हंस सहित अन्य राजनीतिक गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए। खान ने संस्कृत के एक श्लोक का जिक्र करते हुए कहा कि जब तक नदियों में पानी और पहाड़ नहीं होंगे, तब तक रामलीला की कहानी लोगों का मनोरंजन करती रहेगी। और (रामायण) के माध्यम से लोगों को उनकी ‘मर्यादा’ (सीमा) के बारे में पता चल जाएगा।
समिति के सदस्यों के अनुसार, रामलीला 26 सितंबर से शुरू होगी और 5 अक्टूबर को समाप्त होगी। हालांकि इस साल कार्यक्रम आम जनता के लिए खुला है, लेकिन समिति ने अभी तक इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए लोगों की सही संख्या पर फैसला नहीं किया है। कहा।
2019 से पहले, इस आयोजन में हजारों दर्शकों की भीड़ उमड़ती थी। उन्होंने बताया कि आयोजनों के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचने के लिए सुरक्षा और सभी आवश्यक आग और सुरक्षा उपाय किए जाएंगे। समिति के सदस्यों ने कहा कि इस साल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपाध्यक्ष जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल और प्रियंका गांधी जैसे पार्टी के अन्य नेताओं को इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया है।
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