पटना : एक खास एनआईए कोर्ट शुक्रवार को तीन सदस्यों को आजीवन कारावास की सजा जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश और उसी आतंकी संगठन के पांच अन्य सदस्यों को 2018 में शामिल होने के आरोप में 10 साल के कठोर कारावास की सजा दी गई है बोधगया विस्फोट मामला। तीन आजीवन कारावास की सजाएं मोहम्मद पैगंबर शेख, अहमद अली, उर्फ कालू और नूर आलम मोमिन हैं।
एडीजे-XV गुरविंदर सिंह मल्होत्रा की विशेष अदालत ने दिलावर हुसैन, अब्दुल करीम, मुस्तफिजुर रहमान, आरिफ हुसैन और मोहम्मद आदिल शेख को भी 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। सभी दोषी पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद के रहने वाले हैं।
एनआईए की ओर से पेश हुए विशेष लोक अभियोजक लल्लन प्रसाद सिन्हा और अतिरिक्त लोक अभियोजक प्रमोद कुमार ने दोषी आतंकवादियों के भाग्य का फैसला करने का काम अदालत पर छोड़ दिया था क्योंकि उन्होंने पहले ही आतंकी कृत्य में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली थी। अदालत ने 10 दिसंबर को उनकी इकबालिया याचिकाओं को स्वीकार करने के बाद उन्हें दोषी ठहराया था। इस मामले में नौवें आरोपी मोहम्मद जेहिदुल इस्लाम पर अभी भी मुकदमा चल रहा है।
एडीजे-XV गुरविंदर सिंह मल्होत्रा की विशेष अदालत ने दिलावर हुसैन, अब्दुल करीम, मुस्तफिजुर रहमान, आरिफ हुसैन और मोहम्मद आदिल शेख को भी 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। सभी दोषी पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद के रहने वाले हैं।
एनआईए की ओर से पेश हुए विशेष लोक अभियोजक लल्लन प्रसाद सिन्हा और अतिरिक्त लोक अभियोजक प्रमोद कुमार ने दोषी आतंकवादियों के भाग्य का फैसला करने का काम अदालत पर छोड़ दिया था क्योंकि उन्होंने पहले ही आतंकी कृत्य में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली थी। अदालत ने 10 दिसंबर को उनकी इकबालिया याचिकाओं को स्वीकार करने के बाद उन्हें दोषी ठहराया था। इस मामले में नौवें आरोपी मोहम्मद जेहिदुल इस्लाम पर अभी भी मुकदमा चल रहा है।


