उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने बुधवार को लखनऊ से उद्यमी संजय राय ‘शेरपुरिया’ को जालसाजी के एक मामले में गिरफ्तार किया, जिसमें उन्होंने और उनके सहयोगियों ने कथित रूप से कई स्रोतों – लोगों और संगठनों – से फर्जी दस्तावेज बनाकर करोड़ों रुपये की धनराशि एकत्र की। प्रधानमंत्री कार्यालय का गलत संदर्भ
एसटीएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि राय को लखनऊ के विभूति खंड पुलिस थाने को सौंप दिया गया। अधिकारी ने कहा कि राय के सहयोगी काशिफ को दो दिन पहले नोएडा में एक पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज होने के बाद गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने कहा कि खुफिया ब्यूरो और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) सहित केंद्रीय एजेंसियां इस “हाई प्रोफाइल मामले” की जांच और की गई कार्रवाई की निगरानी कर रही हैं। उन्होंने कहा कि एसटीएफ मामले की जांच नहीं कर रही है।
नोएडा में एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि सेंट्रल नोएडा इलाके के सूरजपुर थाने में मामला दर्ज होने के बाद काशिफ को गिरफ्तार किया गया। ईडी ने नोएडा में कुछ जगहों पर छापेमारी भी की।
एक अन्य अधिकारी ने कहा कि राय और काशिफ ने जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल कर लोगों और संगठनों से कथित तौर पर कई करोड़ रुपये ठगे।



