राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने रविवार को जमात-ए-इस्लामी कार्यकर्ताओं के परिसरों पर जम्मू-कश्मीर में एक दर्जन से अधिक स्थानों पर एक साथ छापेमारी की, ताकि केंद्र शासित प्रदेश में आतंकी गतिविधियों के लिए उनके कथित समर्थन और फंडिंग की जांच की जा सके।
सूत्रों ने कहा कि एनआईए ने इस साल की शुरुआत में जमात कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के खिलाफ पाकिस्तान के इशारे पर आतंकी गतिविधियों का समर्थन करने के आरोप में मामला दर्ज किया था। केंद्र सरकार ने 2019 में पुलवामा आतंकी हमले के बाद संगठन पर प्रतिबंध लगा दिया था जिसमें सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे।
सूत्रों ने कहा कि जमात-ए-इस्लामी कार्यकर्ताओं के आवासीय परिसरों की तलाशी शनिवार तड़के शुरू हुई और जारी है। सूत्रों ने बताया कि जम्मू संभाग के डोडा, किश्तवाड़, रामबन और राजौरी जिलों के अलावा अनंतनाग और शोपियां जिलों सहित कश्मीर के कई स्थानों पर छापेमारी की गई।
पिछले महीने ही एनआईए ने करीब आधा दर्जन लोगों को गिरफ्तार किया था कई जगहों पर छापेमारी आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए स्थानीय युवाओं को कथित रूप से कट्टरपंथी बनाने और भर्ती करने की इस्लामिक स्टेट की साजिश के सिलसिले में कश्मीर घाटी में। छापेमारी के बाद हुआ था 11 कर्मचारियों की बर्खास्तगी कथित आतंकी संबंधों के लिए हिजबुल मुजाहिदीन प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन के दो बेटों सहित जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा।


