एपी स्कूल शिक्षा नियामक और निगरानी आयोग के अध्यक्ष के। कांथा राव ने शनिवार को राज्य में डिप्लोमा इन एजुकेशन (डीएड) कॉलेजों द्वारा नियम पुस्तिका के घोर उल्लंघन पर नाराजगी जताई।
यहां एक संवाददाता सम्मेलन में न्यायमूर्ति कांता राव ने कहा कि शिक्षकों की नियुक्ति में गुणवत्ता मानकों, पात्रता और विशेषज्ञता जैसे प्रमुख पहलुओं से समझौता किया जा रहा है।
इन कॉलेजों द्वारा स्पॉट एडमिशन करने के मामले में उन्होंने ‘मानदंडों का अंधाधुंध उल्लंघन’ को अपवाद बताते हुए कहा कि आयोग द्वारा डॉक्यूमेंट-वेरिफिकेशन प्रक्रिया में भाग लेने के लिए कहे जाने वाले 770 डीएड कॉलेजों में से केवल 350 के प्रतिनिधियों ने दिखाया था। यूपी। जिन लोगों ने भाग लिया, उनमें से अधिकांश न्यूनतम मानकों को बनाए रखने में विफल रहे।
उन्होंने कहा कि आयोग के सदस्यों और उनकी टीम ने पिछले छह दिनों में दो चरणों में अपने दस्तावेजों को अच्छी तरह से सत्यापित किया था। कॉलेज छात्रों और शिक्षक उपस्थिति, व्यावहारिक परीक्षाओं के संचालन और उनके संस्थानों में सुविधाओं में अनियमितता का सहारा लेते पाए गए। कुछ कॉलेजों ने स्वेच्छा से बंद करने के लिए कहा था, उन्होंने कहा कि आयोग की टीम शेष कॉलेजों का निरीक्षण करेगी जो दिखाने में विफल रहे।
न्यायमूर्ति कांथा राव ने कहा कि आयोग 60% कॉलेजों का निरीक्षण करेगा और दुर्भावनाओं का सहारा लेने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की सिफारिश करेगा।


