पंचांग पांच मुख्य घटकों से बना है जिनका उपयोग ज्योतिषियों द्वारा विभिन्न महत्वपूर्ण सामाजिक और धार्मिक आयोजनों के लिए उपयुक्त और शुभ समय की भविष्यवाणी करने के लिए आवश्यक उपयोगी जानकारी देने के लिए किया जाता है, जिसमें त्योहार, व्रत, समारोह, उद्घाटन आदि शामिल हैं। नए उद्यम और पूरे दिन में अच्छे और बुरे समय को जानते हैं, लोगों को हर सुबह पंचांग से जाने की सलाह दी जाती है।
हिंदू पंचांग के अनुसार, 17 फरवरी शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि है, विक्रम संवत 2077 में माघ मास है और दिन बुधवार (बुधवार) है। दिन का आरंभ सूर्योदय से प्रातः 06:56 से होगा और सूर्यास्त सायं 06:14 बजे होगा। इसी प्रकार चन्द्रोदय प्रातः 10:13 बजे और चन्द्रमा रात्रि 11:16 बजे है।
यहाँ वेद के कैलेंडर में जाने के लिए आवश्यक विवरण दिए गए हैं।
तीथि, नक्षत्र और राशी विवरण:
सूर्योदय का समय दिन की तीथि को दर्शाता है और 17 फरवरी को षष्ठी तिथि है, जो पूरी रात तक रहेगी। उसके बाद, 18 फरवरी को शुक्ला तीथि शुरू होगी और 2:39 बजे तक रहेगी।
नक्षत्र रात्रि 11.49 तक अश्विनी रहेगा जिसके बाद भरणी शुरू होगी।
सूर्य कुंभ (कुंभ) राशी में रहेगा जबकि चंद्रमा मेष (मेष) राशी में रहेगा।
17 फरवरी के लिए शुभ मुहूर्त:
दिन का सबसे फलदायक और शुभ समय अभिजीत मुहूर्त है। हालांकि, 17 फरवरी को कोई शुभ मुहूर्त नहीं है। अभिजीत मुहूर्त के अलावा, पंचांग में विजय मुहूर्त और गोधुली मुहूर्त भी शामिल हैं, जिन्हें अनुकूल भी माना जाता है और यह क्रमशः दोपहर 02:28 से रात 03:13 बजे और शाम 06:02 से शाम 06:26 तक रहेगा।
17 फरवरी के लिए अशुभ समय:
राहु कलाम जो सबसे अशुभ समय माना जाता है वह दोपहर 12:35 से दोपहर 02:00 बजे के बीच होगा। गुलिकई कलाम और वरजियम को भी अशुभ मुहूर्त माना जाता है और यह 11:10 बजे से दोपहर 12:35 बजे और शाम 05:20 बजे से रात 09:08 बजे तक चलेगा।


